कांग्रेस काटेगी इन नेताओं के टिकट!

भटनेर पोस्ट डॉट कॉम. 
राजस्थान में कांग्रेस अपनी सरकार रिपीट करने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए मंथन का दौर जारी है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में वार रूम में हुई बैठक में विभिन्न मसलों पर चर्चा हुई। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इसमें टिकट के लिए कुछ नियम निर्धारित करने पर मंथन हुआ। इसके तहत लगातार दो बार पराजित प्रत्याशियों और एक ही परिवार से लगातार चुनाव लड़ रहे नेताओं को टिकट नहीं देने पर भी चर्चा हुई। कुछ नेताओं ने 50 फीसद से अधिक युवाओं को टिकट देने की जरूरत बताई। इस पर सहमति भी बनी, बताते हैं। इसके अलावा माना जा रहा है कि कांग्रेस मौजूदा 50 फीसद विधायकों को मौका देने के पक्ष में नहीं है। पार्टी का मानना है कि विधायकों के प्रति व्यक्तिगत नाराजगी की वजह से पार्टी को नुकसान होता है, इसलिए जिन विधायकों की शिकायत ज्यादा है, उन्हें बदला जाना जरूरी है। फिर कई ऐसे विधायक हैं जो बरसों से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें भी आराम देने की जरूरत है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ‘भटनेर पोस्ट’ को बताते हैं कि बदलाव जरूरी है लेकिन सिर्फ युवा के नाम पर किसी को टिकट थमा देना पार्टी के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। जिन सीटों पर किसी परिवार विशेष का कब्जा है, वहां पर पार्टी ने कभी किसी युवा को प्रमोट करने का प्रयास नहीं किया। इसका परिणाम यह हुआ कि वह परिवार ही पार्टी का पर्याय बनकर रह गया। अब पार्टी को अपनी गलती का अहसास हुआ है तो अच्छी बात है लेकिन फिलहाल समय अनुकूल नहीं है। पांच साल में पार्टी को विकल्प तैयार करना चाहिए। कांग्रेस के एक महामंत्री की मानें तो पार्टी को इस चुनाव में फूंक-फूंककर कदम उठाने की जरूरत है। वार रूम में जिस तरह रणनीति बनाई जा रही है, उससे पार्टी को नुकसान ही होगा। जब सरकार रिपीट न होने की रवायत के विपरीत चुनौती का सामना करना हो तो फिर प्रयोगधर्मी सोच रणनीति के खिलाफ ही होगा। बहरहाल, यह चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस इस बार दो बार पराजित प्रत्याशियों को टिकट नहीं देगी। साथ ही मौजूदा करीब 60 ऐसे विधायकों को मौका देने से बचेगी जिनके खिलाफ लोगों में विरोध है या फिर नाराजगी। लेकिन पार्टी के लिए इन सीटों पर मजबूत विकल्प की तलाश मुश्किल लग रही है। ऐसे में आने वाले समय में कांग्रेस की रणनीति पर सबकी नजर टिकी रहेगी।

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